सोमवार, 21 सितंबर 2009

थैंक्यू फरीदाबाद



साल भर पहले जब शहर के लिए इस कम्यूनिटी पेपर की शुरुआत कर रहे थे तो कई मित्रों ने इसे तीसरे-चौथे अंक के बाद बंद हो जाने वाला अखबार करार दिया था। लेकिन पिछले एक साल के दौरान आपका जो आशीर्वाद और सहयोग मिला वह वीओएफ टीम की आंखों में खुशी छलकाने के लिए काफी है। आप लोगों ने न सिर्फ इस अखबार को पसंद किया बल्कि अपना आशीर्वाद भी दिया। पिछले एक साल के दौरान बहुत सी चीजें शहर के पत्रकारिता इतिहास में पहली बार हुई। मसलन पहली बार कोई कम्यूनिटी पेपर ग्लेज्ड पेपर पर रंगीन छपना शुरू हुआ। इसके लेआउट, इसकी खबरें, खबरें परोसे जाने का सलीका पहली बार इतना सराहा गया। पहली बार स्थानीय नेताओं के काटूर्न की शुरुआत वीओएफ ने ही की। कई बार लगता है कि वीओएफ पत्रकारिता और कला के बीच की कुछ चीज निकल कर आई है। कलाएं राजाश्रय में पनपती हैं ऐसे में वीओएफ को उम्मीद है कि आप आगे भी ऐसा ही सहयोग और आशीर्वाद इसे देते रहेंगे। वीओएफ के एनवर्सरी इश्यू के रूप में हम शहर के ऐसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट लेकर आपके बीच आए हैं जो इस शहर को किसी भी हद तक प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। न तो इनमें सरकारी अफसर शामिल हैं और न ही राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोग। लेकिन इसमें ऐसे लोग शामिल हैं, जिनका सिक्का वास्तव में इस शहर में चलता है। पिछले कुछ सालों में इस शहर के एजुकेशन सेक्टर में बूम आया है। निश्चित रूप से एजुकेशन सेक्टर से जुड़े लोग इस शहर में तेजी से बहुत शक्तिशाली होकर उभरे हैं। बहरहाल इश्यू आपके हाथ में है। पहले इश्यू में 50 पर्सनलिटीज को शुमार कर रहे हैं। कौन बड़ा है, कौन छोटा, हम इस पचड़े में नहीं पड़ रहे हैं अत: इनके नाम अंग्रेजी वर्णमाला के अनुसार रखने की कोशिश की है। इन लोगों में से अधिकांश पहली पीढ़ी के रईस हैं। मतलब यह कि उनकी खुद की मेहनत उन्हें इस मुकाम पर लेकर आई है। फरीदाबाद को उन्होंने अपने श्रम से गढ़ा है। अपने तेज से रोशन किया है। हालांकि कई बड़ी हस्तियां आपको इस अंक में दिखाई नहीं देंगी, क्योंकि हमने उन्हें चलता है जिनका सिक्का-2 में स्थान दिया है और वह अंक दीपावली के मौके पर प्रकाशित होगा। बताइएगा जरूर इश्यू कैसा लगा। आपकी प्रतिक्रियाओं के इंतजार में आपका

सौरभ भारद्वाज

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें