पिछले चंद सालों में एसआरएस ग्रुप को 2500 करोड़ रुपये का ग्रुप बनाकर दिखाने वाला यह शख्स गांव फिरोजपुर कलां, बल्लभगढ़ में जन्मा और सरकारी स्कूलों में पला-बढ़ा। दसवीं के बाद पिता की इच्छा आईटीआई में एडमिशन दिलाने की थी, लेकिन नंबर कम आने पर खूब पिटाई हुई। पिता का दूध का काम था, घर-घर जाकर दूध बांटना पड़ता था। बल्लभगढ़ की चावला कॉलोनी में ट्यूशंस भी पढ़ाए हैं। पढ़ाई के प्रति जो ललक पैदा हुई वह अब तक बरकरार है। एम.कॉम, एमबीए, सीसीए, एलएलबी, पी.एचडी और डी.लिट कर चुके हैं। फाइनेंस के काम से शुरू हुआ कारोबार कई क्षेत्रों में फैल चुका है। रीयल एस्टेट के क्षेत्र में एक के बाद एक कई प्रोजेक्ट साकार हो रहे हैं। रिटेल शॉप चेन वेल्यू बाजार की 46 यूनिट देशभर में काम कर रही हैं। उन्होंने 14 फूडकोर्ट व कई और तरह के नए कारोबार शुरू किए हैं। फिलहाल 2200 लोग इनके ग्रुप में काम कर रहे हैं और परोक्ष रूप से 5000 लोगों को काम मिल रहा है। इरादा दस हजार लोगों के लिए रोजगार सृजित करने का है। पलवल और फरीदाबाद में कई हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च हो चुके हैं। फाइव स्टार होटल भी पाइपलाइन में है। न पत्थर पहनने का शौक है और न ही सोना। दुनिया के कितने देशों की सैर की है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पासपोर्ट तीन बार भर चुका है। टेंशन में होते हैं तो भी काम ही करते हैं, बकौल डॉ. जिंदल काम की वजह से ही तो टेंशन होती है, वो बिना काम किए कैसे जा सकती है। आने वाले सालों के लिए ओल्ड एज होम, बिजली उत्पादन और कई अन्य प्रोजेक्ट्स पाइप लाइन में हैं। मीठे के शौकीन, खीर बेहद पसंद। जिंदगी में तरक्की के लिए ईमानदारी को मूल मंत्र मानते हैं।
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